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रविवार, 9 दिसंबर 2012

स्पंदन (online) ब्लॉग संस्करण – अंक-1




स्पंदन (online) ब्लॉग संस्करण – अंक-1
9 दिसंबर 2012
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सम्पादकीय – बात दिल की
 
शोषण से लेकरसशक्तिकरण – प्रीति अरोड़ा (आलेख)

आज़ादी की कीमत – देवी नागरानी (कहानी)  

दिया अंतिम आस का – दिनेश गुप्ता ‘दिन’ (कविता)

लिखूं तो क्या लिखूं – बृजेन्द्र श्रीवास्तव ‘उत्कर्ष’ (कविता)

जुलाहे बता एक बार – सी० एस० राजहंस (कविता)

तुम्हें मेरी कसम – नीता पोरवाल (कविता)

ग़ज़ल – देवी नागरानी
Posted by स्पंदन
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